गणपति जी का ध्यान धरना चाहिए, तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए, पिता है जिनके भोले शंकर माता जिनकी पारवती, रिधि सीधी के दाता है ये भुधि देते है सुमिति
हम शरण तुम्हारी बाला जी चरणों में धोक लगाते है, भव से पार लगादो भगवन झूम झूम के गाते है, शरण तुम्हारी बाला जी ...