शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान शनिवार को व्रत रखने के साथ-साथ शनिवार व्रत कथा का पढ़ना और सुनना विशेष रूप से लाभदायक होता है।
शनि देव भगवान सूर्य और देवी छाया के पुत्र है, शनि देव को कर्मो का देव कहा जाता है अर्थात जैसे कर्म करोगे शनि देव उसका फल अवश्य देंगे।
शनि देव डर का नहीं, कर्म का देवता हैं। जानिए शनि कौन हैं, शनि कष्ट क्यों देते हैं, शनि साढ़ेसाती का अर्थ और हिंदू शास्त्रों में शनि का वास्तविक उद्देश्य।