प्रभु श्रीराम का दिव्य मार्गदर्शन
दिन में केवल एक बार ही प्रश्न पूछें। इसे खेल ना समझें।
श्रीराम शलाका पर विश्वास रखें और भगवान के मार्गदर्शन पर भरोसा करें।
यह मार्गदर्शन का एक उपकरण है, लेकिन जीवन के सभी निर्णय लेने के लिए पूरी तरह से इसपर निर्भर नहीं होना चाहिए।