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Dharti Mata ki Kahani Katha

dharti mata ki katha Story
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  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 02 Jan 2025

मंत्र

ॐ पृथ्वीदेव्यै विद्महे सहस्रमूर्तयै धीमहि तन्नो पृथ्वी: प्रचोदयात्।। ॐ पृथ्वीदैव्यै विद्महे धराभूर्तये धीमहि तन्नः पृथ्वी प्रचोदयात्। ॐ समुद्र वसने देवी पर्वतस्तन मंडिते। विष्णुपत्नीं नमस्तुभ्यं पादस्पर्श क्षमस्व में।।