|| ॐ सुभद्राय नमः ||
Om Jai Jagdish Hare Aarti | ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त ज़नो के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥...
भगवान श्री हरि विष्णु जी की चालीसा पढ़ने वाले भक्त पर श्री विष्णु भगवान के साथ मां श्री लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है।