ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ॐ॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ॐ॥
ललिता त्रिपुरसुंदरी को पार्वती का अवतार माना जाता है। त्रिपुरा सुंदरी जिसे राजराजेश्वरी , षोडशी , कामाक्षी और ललिता के नाम से भी जाना जाता है, एक हिंदू देवी है, जो मुख्य रूप से शक्तिवाद परंपरा में प्रतिष्ठित है और दस महाविद्याओं में से एक के रूप में पूजी जाती है।
रामायण कलियुग में पापो से मुक्ति पाने का एक सरल उपाय है, इस युग में जो भी रामायण जी की आरती करता है उसे श्री राम के साथ माता सीता और हनुमान जी की असीम कृपा प्राप्त होती है, और दुःख से मुक्ति मिलती है।
माँ शीतला हाथो में कलश, सूप, मार्जन (झाडू) तथा नीम के पत्ते धारण किए हुए हैं, माँ को बीमारियों को ठीक करने ख़ास कर चेचक ठीक करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माँ की सवारी गर्दभ (गधा) हैं।