|| जय श्री श्याम देवाय नमः ।।
मृत्युंजय महादेव नमः, शिव शंकर महादेव नमः। तेरी शरण जो आए, तेरी महिमा गाए, किरपा करो देवा।। तैंतीस अक्षर का मंत्र, जो कोई जाप करें, स्वामी जो कोई जाप करें।
श्री विष्णु-गजेंद्र मोक्ष स्तोत्रम का वर्णन हिन्दू धर्म के प्रमुख ग्रंथ ''श्रीमद्भगवदगीता'' के तीसरे अध्याय में है। श्रीशुक उवाच -एवं व्यवसितो बुद्ध्या समाधाय मनो ह्रदि। जजाप परमं जाप्यं प्राक्जन्मन्यनुशिक्षितम् ॥१॥ गजेन्द्र उवाच- ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम्। पुरुषायादिबीजाय परेशायाभीधीमहि॥२॥