मृत्युंजय महादेव नमः, शिव शंकर महादेव नमः। तेरी शरण जो आए, तेरी महिमा गाए, किरपा करो देवा।। तैंतीस अक्षर का मंत्र, जो कोई जाप करें, स्वामी जो कोई जाप करें।
Shivji Ki Aarti | शिवजी की आरती | जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ Shiv ji ki aarti, Jai Shiv Omkara, shiv aarti, aarti shiv ji ki
महामृत्युंजय मंत्र की महिमा अपार है, इस महामंत्र के जाप मात्र से किसी भी व्यक्ति की बड़ी से बड़ी बीमारी ठीक हो जाती है। अगर कोई भक्त सच्चे मन से इस महामंत्र का निरंतर जाप करता है, तो वह अकाल मृत्यु पर भी वजय प्राप्त कर सकता है।
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, सोमवार व्रत रखने के लिए सुबह स्नान करके भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाना और शिव-पार्वती की पूजा करना शामिल है। ऐसा माना जाता है कि सोमवार का व्रत करने से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। सोमवार व्रत कथा पढ़ने से अनुष्ठान पूरा होता है।