Hindi Mode BhagwanApp

श्री गोवर्धन महाराज आरती

Govardhan Puja Aarti
  • 641 View
  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 10 Oct 2024

मंत्र

||गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक||

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।

॥ श्री गोवर्धन महाराज...॥

तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े, तोपे चढ़े दूध की धार।

॥ श्री गोवर्धन महाराज...॥

तेरी सात कोस की परिकम्मा, और चकलेश्वर विश्राम तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।

तेरे गले में कंठा साज रेहेओ, ठोड़ी पे हीरा लाल।

॥ श्री गोवर्धन महाराज...॥

तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ, तेरी झांकी बनी विशाल।

॥ श्री गोवर्धन महाराज...॥

तेरी सात कोस की परिकम्मा, चकलेश्वर है विश्राम।

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।

गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण।॥ श्री गोवर्धन महाराज...॥

Releated Stories

Hanuman ji vrat Katha
मंगलवार (हनुमान जी) व्रत कथा

मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान आदि करके हनुमान जी के सामने घी का दीपक जला कर व्रत का संकल्प करें। भगवान हनुमान का व्रत करने से भक्त या उपासक को कोई भी नकारात्मक शक्ति से भय नहीं रहता। जिन भक्तों को शनि देव की साढ़े साती हो वो भी इस व्रत को करते हैं।

Holi in Maharashtra: Rangpanchami Celebrations
रंग पंचमी

भारत में होली हर राज्य में अपने अलग रंग और परंपराओं के लिए जानी जाती है, लेकिन महाराष्ट्र की होली का उत्साह, लोककला और सांस्कृतिक विविधता इसे सबसे खास बनाती है। यहां होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि समाज, परंपरा और आनंद का अनोखा संगम है। महाराष्ट्र में पारंपरिक <strong>रंग पंचमी</strong>, फिशरमेन कम्युनिटी का उत्सव, पूरनपोली का प्रसाद, और लोकनृत्यों की रौनक इस पर्व को एक नया अर्थ देती है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि महाराष्ट्र में होली क्यों अलग तरीके से मनाई जाती है, इसके पीछे की परंपराएं, कहानियां और पूरे प्रदेश में फैली सांस्कृतिक विविधता।