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मंगलवार (हनुमान जी) व्रत कथा

मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान आदि करके हनुमान जी के सामने घी का दीपक जला कर व्रत का संकल्प करें। भगवान हनुमान का व्रत करने से भक्त या उपासक को कोई भी नकारात्मक शक्ति से भय नहीं रहता। जिन भक्तों को शनि देव की साढ़े साती हो वो भी इस व्रत को करते हैं।

Mangalwar Vrat Katha Story
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  • 11 months ago
  • Mamta Sharma
  • 30 Jun 2025

मंत्र

॥ॐ हनुमते नमः॥

Hanuman Ji Ki Katha

एक ब्राह्मण दम्पत्ति निःसन्तान की वजह से काफ़ी दुःखी रहते थे। ब्राह्मण वन में पूजा करने गया और हनुमान जी से पुत्र की कामना करने लगा। घर पर उसकी स्त्री भी पुत्र की प्राप्त के लिये मंगलवार का व्रत करती थी। मंगलवार के दिन व्रत के अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर भोजन करती थी। एक बार व्रत के दिन ब्राह्मणी ना भोजन बना पायी और ना भोग ही लगा सकी। तब उसने प्रण किया कि अगले मंगल को ही भोग लगाकर अन्न ग्रहण करेगी। भूखे प्यासे छः दिन के बाद मंगलवार के दिन तक वह बेहोश हो गयी।
हनुमान जी उसकी निष्ठा और लगन को देखकर प्रसन्न हो गये। उसे दर्शन देकर कहा कि वे उससे प्रसन्न हैं और उसे बालक का वरदान देंगे, जो कि उसकी सेवा किया करेगा। इसके बाद हनुमान जी उसे बालक देकर अंतर्धान हो गये। ब्राह्मणी इससे अति प्रसन्न हो गयी और उस बालक का नाम मंगल रखा। कुछ समय उपरांत जब ब्राह्मण घर आया, तो बालक को देख पूछा कि वह कौन है। पत्नी ने सारी कथा बतायी। पत्नी की बातों को छल पूर्ण जान ब्राह्मण ने सोचा कि उसकी पत्नी व्यभिचारिणी है। एक दिन मौका देख ब्राह्मण ने बालक को कुंए में धक्का देकर गिरा दिया और घर पर पत्नी के पूछने पर ब्राह्मण घबराया।
पीछे से मंगल मुस्कुरा कर आ गया। ब्राह्मण आश्चर्यचकित रह गया।
रात को हनुमानजी ने उसे सपने में सब कथा बतायी, तो ब्राह्मण अति हर्षित हुआ। फ़िर वह दम्पति मंगल का व्रत रखकर आनंद का जीवन व्यतीत करने लगे।

मंगलवार का व्रत कैसे शुरू करें (How to Start Mangalwar Vrat)

मंगलवार व्रत का संकल्प आप महीने के शुक्लपक्ष के मंगलवार से कर सकते हैं। यदि आप मन में कोई मनोकामना लेकर श्रीं हनुमान जी व्रत प्रारंभ करना चाहते हैं तो 21 या 45 मंगलवार व्रत करने का संकल्‍प ले सकते है।

मंगलवार व्रत के नियम (Significance of Mangalvar Vrat)

  • इस व्रत में एक समय भोजन करना चाहिए।
  • मंगलवार व्रत में पवित्रता का पूरा ध्यान रखें।
  • इस व्रत में नमक का सेवन न करें।
  • मीठी वस्तु का सेवन करें और इसका दान भी करें।
  • इस व्रत में लाल वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
  • मंगलवार के व्रत में भूलकर भी काले या सफेद कपड़े पहनकर हनुमान जी की पूजा न करें।
  • मंगलवार का व्रत में हनुमान जी की आरती जरूर करें ।

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