नृसिंह जयंती पर पढ़ें शक्तिशाली और प्रभावशाली श्री नृसिंह स्तोत्र, यह स्तोत्र मुख्य रूप से भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का वर्णन करता है। कुन्देन्दुशङ्खवर्णः कृतयुगभगवान्पद्मपुष्पप्रदाता, त्रेतायां काञ्चनाभिः पुनरपि समये द्वापरे रक्तवर्णः। शङ्को सम्प्राप्तकाले कलियुगसमये नीलमेघश्च नाभा, प्रद्योतसृष्टिकर्ता परबलमदनः पातु मां नारसिंहः ॥१॥
॥ ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम् ॥
ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे। स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे॥ ॐ जय नरसिंह हरे॥ तुम हो दीन दयाला, भक्तन हितकारी, अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी॥ ॐ जय नरसिंह हरे॥ | भगवान नरसिम्हा देव को शेर के सिर और मानव के शरीर के साथ एक भयंकर और शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है।