Hindi Mode BhagwanApp

लिंगाष्टकम्

॥ श्री लिङ्गाष्टकम् ॥ ; ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गंनिर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं ; देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहम्करुणाकर लिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं ; सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गंबुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्।

lingashtakam Stotra
  • 27 View
  • 10 months ago
  • Mamta Sharma
  • 16 Jul 2025

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्ग, निर्मलभासित शोभित लिङ्गम् ।

जन्मजदुःख विनाशक लिङ्ग, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्। ॥1॥

देवमुनिप्रवरार्चित लिङ्ग, कामदहं करुणाकर लिङ्गम्।

रावणदर्प विनाशन लिङ्ग, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् । ॥2॥

सर्वसुगन्धि सुलेपित लिङ्ग, बुद्धि विवर्धन कारण लिङ्गम्।

सिद्ध सुरासुर वन्दित लिङ्गं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्। ॥3॥

कनक महामणि भूषित लिङ्ग, फणि पति वेष्टित शोभित लिङ्गम्।

दक्ष सुयज्ञ विनाशन लिङ्ग, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् । ॥4॥

कुंकुम चन्दन लेपित लिङ्ग, पंकज हार सुशोभित लिङ्गम् ।

संचित पाप विनाशन लिङ्गं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्। ॥5॥

देवगण आर्चित सेवित लिङ्ग, भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्।

दिनकरकोटि प्रभाकर लिङ्ग, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् । ॥6॥

अष्टदलोपरि वेष्टित लिङ्ग, सर्व समुद्भव कारण लिङ्गम् ।

अष्टदरिद्र विनाशित लिङ्गं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्। ॥7॥

सुरगुरु सुरवर पूजित लिङ्ग, सुरवन पुष्प सदार्चित लिङ्गम् ।

परात्परं परमात्मक लिङ्ग, तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् । ॥४॥

Releated Stories

Shiva Aahvaan Mantra
शिव आवाहन मंत्र

ॐ मृत्युंजय परेशान जगदाभयनाशन। तव ध्यानेन देवेश मृत्युप्राप्नोति जीवती ।। वन्दे ईशान देवाय नमस्तस्मै पिनाकिने। आदिमध्यांत रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। नमस्तस्मै भगवते कैलासाचल वासिने. . . . .

Shivji Ki Aarti
शिवजी की आरती

Shivji Ki Aarti | शिवजी की आरती | जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ Shiv ji ki aarti, Jai Shiv Omkara, shiv aarti, aarti shiv ji ki

What is Shiv Gayatri Mantra?
शिव गायत्री मंत्र क्या है?

शिव गायत्री मंत्र भगवान शिव के आशीर्वाद और कृपा का आह्वान करने पर केंद्रित है।