||ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
Om Jai Jagdish Hare Aarti | ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त ज़नो के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
महामृत्युंजय मंत्र की महिमा अपार है, इस महामंत्र के जाप मात्र से किसी भी व्यक्ति की बड़ी से बड़ी बीमारी ठीक हो जाती है। अगर कोई भक्त सच्चे मन से इस महामंत्र का निरंतर जाप करता है, तो वह अकाल मृत्यु पर भी वजय प्राप्त कर सकता है।
Rishi Markandeya ji has written a special Shiva Mahamrityunjaya Mantra to remove untimely death/crisis. What is the method of chanting the Mahamrityunjaya Mantra? What is the meaning of Mahamrityunjaya Mantra?