।। ॐ नम: शिवाय ।।
Shivji Ki Aarti | शिवजी की आरती | जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ Shiv ji ki aarti, Jai Shiv Omkara, shiv aarti, aarti shiv ji ki
मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार पड़ै ना बेशक लिखी पहला की. तू भोला पर्वत का रे मैं रानी महला की तेरी मेरी जोरी खूब जमे या लिखी पहला की किसे राजा तै ब्याह करवाले मेरी गैल म रै पछतावैगी तेरी काया पड़ज्या काली रै
ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये ...शिव गायत्री मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त 9, 11,21, 51 या 1008 बार भी जाप किया जाता है।