॥ ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः ॥
पितृ-सूक्तम् शुभ फल देनेवाला चमत्कारी पाठ -उदिताम् अवर उत्परास उन्मध्यमाः पितरः सोम्यासः। असुम् यऽ ईयुर-वृका ॠतज्ञास्ते नो ऽवन्तु पितरो हवेषु॥1॥ अंगिरसो नः पितरो नवग्वा अथर्वनो भृगवः सोम्यासः। तेषां वयम् सुमतो यज्ञियानाम् अपि भद्रे सौमनसे स्याम्॥2॥
युधिष्ठिर ने पूछा- हे भगवान! आपने सफला एकादशी का माहात्म्य बताकर बड़ी कृपा की। अब कृपा करके यह बतलाइए कि पौष शुक्ल एकादशी का क्या नाम है उसकी विधि क्या है और उसमें कौन-से देवता का पूजन किया जाता है।
श्राद्ध कर्म महत्व, विधि जानकारी, हिंदू धर्म में पूर्णिमा श्राद्ध का बहुत महत्व है, इसी दिन से पितृ पक्ष शुरू होता है। भाद्रपद पूर्णिमा को पूर्णिमा श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।