पितृ-सूक्तम् शुभ फल देनेवाला चमत्कारी पाठ -उदिताम् अवर उत्परास उन्मध्यमाः पितरः सोम्यासः। असुम् यऽ ईयुर-वृका ॠतज्ञास्ते नो ऽवन्तु पितरो हवेषु॥1॥ अंगिरसो नः पितरो नवग्वा अथर्वनो भृगवः सोम्यासः। तेषां वयम् सुमतो यज्ञियानाम् अपि भद्रे सौमनसे स्याम्॥2॥
श्राद्ध कर्म महत्व, विधि जानकारी, हिंदू धर्म में पूर्णिमा श्राद्ध का बहुत महत्व है, इसी दिन से पितृ पक्ष शुरू होता है। भाद्रपद पूर्णिमा को पूर्णिमा श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।