पौष पुत्रदा एकादशी व्रत संतान सुख, वंश वृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। शास्त्रों में वर्णित विधि से किया गया यह व्रत जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर देता है।
युधिष्ठिर ने पूछा- हे भगवान! आपने सफला एकादशी का माहात्म्य बताकर बड़ी कृपा की। अब कृपा करके यह बतलाइए कि पौष शुक्ल एकादशी का क्या नाम है उसकी विधि क्या है और उसमें कौन-से देवता का पूजन किया जाता है।
चांदी का चौकोर टुकड़ा पास रखना क्यों शुभ माना जाता है? जानिए ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसके फायदे, चंद्रमा-शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय, राहु के दोष से बचाव और मानसिक शांति व समृद्धि से जुड़े रहस्य।
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ॐ॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ॐ॥