पौष पुत्रदा एकादशी व्रत संतान सुख, वंश वृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। शास्त्रों में वर्णित विधि से किया गया यह व्रत जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर देता है।
जानिए अपरा एकादशी की दिव्य कथा, भगवान त्रिविक्रम की महिमा और वह रहस्य, जिससे श्रीहरि भक्तों के पाप हरकर वैकुण्ठ का मार्ग खोलते हैं। जो मनुष्य इस व्रत को करते हैं, वे संसार में प्रसिद्ध हो जाते हैं।
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ॐ॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ॐ॥
चांदी का चौकोर टुकड़ा पास रखना क्यों शुभ माना जाता है? जानिए ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसके फायदे, चंद्रमा-शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय, राहु के दोष से बचाव और मानसिक शांति व समृद्धि से जुड़े रहस्य।