ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ॐ॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ॐ॥
इस वर्ष आमलकी एकादशी 21 मार्च 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। आमलकी एकादशी महाशिवरात्रि और होली के मध्य में आती है।
अचला तथा अपरा दो नामों से जानी जाती है। पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी अपरा एकादशी है, क्योंकि यह अपार धन देने वाली है। जो मनुष्य इस व्रत को करते हैं, वे संसार में प्रसिद्ध हो जाते हैं।
देवउठनी एकादशी पर इस गीत से जगाएं इसी के साथ घर परिवार में सभी तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। देव को उठाने के लिए एक बहुत ही परचलित गीत है उठो देव बैठो देव इसे गाकर ही सभी लोग शाम के समय अपने-अपने घरों के देव को उठाते हैं।
देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कहा जाता है। देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi Katha) पर भगवान विष्णु को चार महीने की निद्रा के बाद विधि-विधान से पूजा करके जगाया जाता है।