अग्रत: चतुरो वेदा: पृष्ठत: सशरं धनु: । इदं ब्राह्मं इदं क्षात्रं शापादपि शरादपि ।।
मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान आदि करके हनुमान जी के सामने घी का दीपक जला कर व्रत का संकल्प करें। भगवान हनुमान का व्रत करने से भक्त या उपासक को कोई भी नकारात्मक शक्ति से भय नहीं रहता। जिन भक्तों को शनि देव की साढ़े साती हो वो भी इस व्रत को करते हैं।
भगवान श्री हरि विष्णु जी की चालीसा पढ़ने वाले भक्त पर श्री विष्णु भगवान के साथ मां श्री लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है।
एक समय की बात है कि विष्णु भगवान का विवाह लक्ष्मीजी के साथ निश्चित हो गया। विवाह की तैयारी होने लगी। सभी देवताओं को निमंत्रण भेजे गए, परंतु गणेशजी को निमंत्रण ....
मंगलवार को श्री सालासर बालाजी की आरती, पूजा करने से हनुमान जी की विशेष कृपा मिलती है। यह दिन शक्ति, साहस और संकट नाश का प्रतीक है, जिससे भक्तों के कष्ट दूर होते हैं।