भगवान श्री हरि विष्णु जी की चालीसा पढ़ने वाले भक्त पर श्री विष्णु भगवान के साथ मां श्री लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है।
।।ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।।
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान शनिवार को व्रत रखने के साथ-साथ शनिवार व्रत कथा का पढ़ना और सुनना विशेष रूप से लाभदायक होता है।
नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अंबे दुःख हरनी, पढ़ें संपूर्ण दुर्गा चालीसा( Durga Chalisa Lyrics) नवरात्र के पहले दिन से नवमी तक मां के नौ स्वरुप की पूजा की जाती है।
नमस्कार हे ज्वाला माता, दीन दुखी की भाग्य विधाता। ज्योति आपकी जगमग जागे, दर्शन कर अंधियारा भागे। नव दुर्गा है रूप तिहारा, चौदह भुवन में दो उजियारा। ब्रह्मा विष्णु शंकर द्वारे, जै माँ जै माँ सभी उच्चारे ।