जय जय हे महिषासुर मर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते| While worshipping Maa Durga in Mahishasur Mardini strotam, we worshippers praise the powers of the Mother. After killing Mahishasura, the Mother was given the name Mahishasur Mardini.
नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अंबे दुःख हरनी, पढ़ें संपूर्ण दुर्गा चालीसा( Durga Chalisa Lyrics) नवरात्र के पहले दिन से नवमी तक मां के नौ स्वरुप की पूजा की जाती है।
संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ अत्यंत प्रभावकारी है। कहा जाता है कि विधि विधान से बजरंगबली के इस पाठ से हर बाधा का नाश होता है और संकटों का अंत होता है।
Shiv Tandav Strotam ka paath karna un bhakto ke liye bhi labhdayak hai jin me urja ki kami mahsoos hoti hai, jo bhakt is rawan rachit shiv bhagwan ke strot ka path karte hai un pat bhagwan shiv ji ki asim karipa hoti hai.
हमारे शास्त्रों में उल्लेख है, अष्टलक्ष्मी स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से दरिद्रता से मुक्ति मिलती है, रोजाना करें अष्टलक्ष्मी स्तोत्र पाठ।
गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए करें गणपति स्तोत्र का पाठ। दुःख और संकट से मुक्ति पाने तथा अमीर बनने तथा अपार धन की प्राप्ति हेतु श्री गणेश स्तोत्र का पाठ 11 बार अवश्य करना चाहिए।
Shri Lakshmi Suktam is a powerful hymn that blesses devotees with wealth, stability, and good fortune. Explore its importance, benefits, and how this sacred chant removes negativity and brings harmony to home and life.
यह भजन श्री लक्ष्मणचार्य द्वारा लिखा गया था, यह भजन श्री नम: रामायणम् का एक अंश है, भगवान राम को समर्पित यह भजन रघुपति राघव राजाराम। यह भजन भगवान राम की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों के दिलों में शांति और भक्ति का संचार करता है।
हिमालय की पुत्री होने के कारण इनको शैलपुत्री कहा जाता है, पूर्व जन्म में इनका नाम सती था और ये भगवान शिव की पत्नी थी। सती के पिता दक्ष प्रजापति ने भगवान शिव का अपमान कर दिया, इसी कारण सती ने अपने आपको यज्ञ अग्नि में भस्म कर लिया।
आज नवरात्रि के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की पूजा आराधना, मां का यह रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। मां चंद्रघंटा का भक्त निडर और पराक्रमी होने के साथ, सौम्य और तेजवान भी हो जाता है।