English Mode BhagwanApp

संकट मोचन हनुमान अष्टक

संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ अत्यंत प्रभावकारी है। कहा जाता है कि विधि विधान से बजरंगबली के इस पाठ से हर बाधा का नाश होता है और संकटों का अंत होता है।

hanuman ashtak Stotra
  • 8361 View
  • 6 months ago
  • Mamta Sharma
  • 18 Nov 2025

मंत्र

।।ॐ आंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।।

बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों I
ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो I
देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो I
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो I को - १

बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो I
चौंकि महामुनि श्राप दियो तब, चाहिए कौन बिचार बिचारो I
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो I को - २

अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो I
जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो I
हेरि थके तट सिन्धु सबे तब, लाए सिया-सुधि प्राण उबारो I को - ३

रावण त्रास दई सिय को सब, राक्षसी सों कही सोक निवारो I
ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाए महा रजनीचर मारो I
चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो I को - ४

बान लाग्यो उर लछिमन के तब, प्राण तजे सूत रावन मारो I
लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो I
आनि सजीवन हाथ दिए तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो I को - ५

रावन युद्ध अजान कियो तब, नाग कि फाँस सबै सिर डारो I
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो I
आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो I को - ६

बंधू समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो I
देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो I
जाये सहाए भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो I को - ७

काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो I
कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसे नहिं जात है टारो I
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो I को - ८

दोहा
लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर I
वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर II

Releated Stories

Shani Dev Katha
शनि देव की कथा

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान शनिवार को व्रत रखने के साथ-साथ शनिवार व्रत कथा का पढ़ना और सुनना विशेष रूप से लाभदायक होता है।

Shree Hanuman Chalisa Hindi
श्री हनुमान चालीसा

The Hanuman Chalisa is a 40-verse (“chalisa” literally means forty) hymn composed in the Awadhi language by the 16th-century poet-saint Tulsidas, who is also known for authoring the Ramcharitmanas. This sacred text praises the virtues, heroic deeds, and divine qualities of Lord Hanuman, a central figure in the epic Ramayana.