भगवान राम को समर्पित यह भजन रघुपति राघव राजाराम। यह भजन भगवान राम की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों के दिलों में शांति और भक्ति का संचार करता है।
मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार पड़ै ना बेशक लिखी पहला की. तू भोला पर्वत का रे मैं रानी महला की तेरी मेरी जोरी खूब जमे या लिखी पहला की किसे राजा तै ब्याह करवाले मेरी गैल म रै पछतावैगी तेरी काया पड़ज्या काली रै
शिव स्तुति के पाठ से व्यक्ति को भौतिक सुख की प्राप्ति होती है।धन्य-धन्य भोलानाथ बाँट दिए, तीनों लोक एक पल भर में।
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्। पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।