रामेश्वर ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्लिंग का निर्माण स्वय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने किया था। यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु के रामेश्वरम नामक स्थान पर स्थित है। यह कथा शिव महापुराण में वर्णित है।
शनि देव भगवान सूर्य और देवी छाया के पुत्र है, शनि देव को कर्मो का देव कहा जाता है अर्थात जैसे कर्म करोगे शनि देव उसका फल अवश्य देंगे।
श्री पंचमुखहनुमत्कवच स्तोत्र एवं अर्थ-ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:। गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं। क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:।