Hindi Mode BhagwanApp

गणपति जी का ध्यान धरना

गणपति जी का ध्यान धरना चाहिए, तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए, पिता है जिनके भोले शंकर माता जिनकी पारवती, रिधि सीधी के दाता है ये भुधि देते है सुमिति

ganesj ji ka bhajan Bhajan
  • 554 View
  • 9 months ago
  • Hemant Sharma
  • 14 May 2025

मंत्र

॥ॐ वक्रतुण्डेक द्रष्टाय क्लींहीं श्रीं गं गणपतये॥

गणपति जी का ध्यान धरना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

पिता है जिनके भोले शंकर माता जिनकी पारवती
रिधि सीधी के दाता है ये भुधि देते है सुमिति
पेहले इनका नाम जपना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

केसर तिलक लगा कर माथे मोदक भोग लगाये गे
श्रधा सुमन करके अर्पित चरनन शीश निभाये गे
इनका भजन सुबहो शाम होना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

अष्ट विनायक मंगल कारी सारे दुःख हर लेंगे ये
सचे मन से इन्हें मना लो मन चाहा फल देंगे ये
मन से सदा गुणगान करना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

Releated Stories

Bindayak Ji ki Kahani - Ganesh vrat Katha
बिंदायक जी की कहानी

हे गणेश जी! जैसा बुढ़िया माई को दिया वैसा सबको देना।

Mai Bhola Parvat ka Bhajan
मैं भोला पर्वत का

मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार पड़ै ना बेशक लिखी पहला की. तू भोला पर्वत का रे मैं रानी महला की तेरी मेरी जोरी खूब जमे या लिखी पहला की किसे राजा तै ब्याह करवाले मेरी गैल म रै पछतावैगी तेरी काया पड़ज्या काली रै