Hindi Mode BhagwanApp

गणपति जी का ध्यान धरना

गणपति जी का ध्यान धरना चाहिए, तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए, पिता है जिनके भोले शंकर माता जिनकी पारवती, रिधि सीधी के दाता है ये भुधि देते है सुमिति

ganesj ji ka bhajan Bhajan
  • 558 View
  • 1 year ago
  • Hemant Sharma
  • 14 May 2025

मंत्र

॥ॐ वक्रतुण्डेक द्रष्टाय क्लींहीं श्रीं गं गणपतये॥

गणपति जी का ध्यान धरना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

पिता है जिनके भोले शंकर माता जिनकी पारवती
रिधि सीधी के दाता है ये भुधि देते है सुमिति
पेहले इनका नाम जपना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

केसर तिलक लगा कर माथे मोदक भोग लगाये गे
श्रधा सुमन करके अर्पित चरनन शीश निभाये गे
इनका भजन सुबहो शाम होना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

अष्ट विनायक मंगल कारी सारे दुःख हर लेंगे ये
सचे मन से इन्हें मना लो मन चाहा फल देंगे ये
मन से सदा गुणगान करना चाहिए
तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए,

Releated Stories

Jab Bhagwan Vishnu Bindayak baba ko apne Vivah me nahi lekar gye katha
जब भगवान विष्णु अपने विवाह में श्री गणेश को नहीं ले गए

एक समय की बात है कि विष्णु भगवान का विवाह लक्ष्‍मीजी के साथ निश्चित हो गया। विवाह की तैयारी होने लगी। सभी देवताओं को निमंत्रण भेजे गए, परंतु गणेशजी को निमंत्रण ....

Bindayak Ji ki Kahani - Ganesh vrat Katha
बिंदायक जी की कहानी

हे गणेश जी! जैसा बुढ़िया माई को दिया वैसा सबको देना।