Hindi Mode BhagwanApp

श्री सिद्धिविनायक आरती

sidhivinayak mantra and aarti Aarti
  • 1707 View
  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 27 Dec 2024

मंत्र

!!वक्रा-तुन्ददा महा-काया सुराया-कोटि समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देवा सर्व-कारयेषु सर्वदा !! (ओम गं गणपतये नमो नमः शिर शिद्धिविनायक नमो नमः शिर शिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपति बप्पा मोरया)

सुखकारक दुःखहर्ता वर्त विघ्नची।
नूरवी पूर्वी प्रेमा कृपा जयची।
सर्वांगी सुंदरा उटी शेंदुराची।
कांति झलके माला मुक्ताफलानी
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति दर्शनमत्रे मनकामना पूर्ति

रत्नाचिटा चरण तुजा गौरीकुमारा।
चंदनची उति कुमकुमकेसरा।
हिर जादिता मुकुता शोभतो बारा।
रनहुँति नूपुर चरनी गागरिया सुरवरवन्दन
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति दर्शनमत्रे मनकामना पूर्ति

लम्बोदर पीताम्बरा फणीवर बंधना।
सरला सोंडा वक्रतुण्ड त्रिनयन।
दासा रामच वात पै साधना।
संकवि पावे निर्वाणी रक्षे सुरवरवन्दना
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति दर्शनमत्रे मनकामना पूर्ति

Releated Stories

Bhagwan Shree Ganesh ji ko Tulsi kyu Nahi chadhate?
भगवान श्री गणेश को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाते?

भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए भक्त सिंदूर, दूर्वा, सुपारी, हल्दी और मोदक चढ़ाते हैं। सिंदूर मंगल का प्रतीक है, जबकि तुलसी को प्राचीन ग्रंथों में पाई जाने वाली एक अनोखी कहानी के कारण नहीं चढ़ाया जाता है। प्रत्येक अर्पण के पीछे की परंपराओं और प्रतीकात्मकता और तुलसी और गणपति की दिलचस्प कहानी को जानें।

Hanuman Ji Ki Aarti lyrics
आरती कीजै हनुमान लला की

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।। अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतन के प्रभु सदा सहाई। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए। लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।