English Mode BhagwanApp

बिंदायक जी की कथा - गणेश जी की कहानी

Ganesh Ji ki Vrat Katha Story
  • 66468 View
  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 19 Oct 2024

Ganesh ji ki kahani - Vindayak ji ki Vrat Katha - Ganesh ji Maharaj ki Kahani

एक बुढ़िया माई रोज मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी।
बेचारी बुढ़िया के बनाए गणेश जी (Ganesh Ji) रोज गल जाते थे। उसके घर के सामने एक सेठजी का मकान बन रहा था।
बुढ़िया मांई सेठजी के मकान पर जाकर मकान बनाने वाला कारीगर से बोली- ' भाई। मेंरे मिट्टी के बनाए गणेशजी रोज़ गल जाते हैं। आप मेरी पूजा के लिए पत्थर से एक गणेशजी बना दो, आप की बड़ी कृपा होगी।'

'मकान बनाने वाला कारीगर बोला-' 'माई! जितनी देर में तुम्हारे लिए गणेश जी बनाएंगे उतनी देर में तो सेठजी की दिवार पुरी कर देंगे। 'बुढिया यह सुनकर दु:खी मन से अपने घर वापिस आ गई। दिवार पुरी करते- करते शाम हो गई परंतु दिवार बनने से पहले ही टेढ़ी हो जाएं।

शाम को सेठजी आए और पूछा कि आज कुछ काम नहीं किया? तब मकान बनाने वाला कारीगर ने बुढ़िया वाली बात बताई। तब सेठजी ने बुढ़िया मांई से जाकर कहा- ' 'माई! तुम हमारी दिवार सीधी कर दो तो हम तुम्हें सोने के गणेश जी बनवा देंगे।" गणेश जी ने यह सुनते ही सेठ जी की दीवार सीधी कर दी। सेठी जी ने बुढ़िया माई को पूजा के लिए सोने के गणेश जी बनवा कर दिए। गणेश जी को पाकर बुढ़िया माई बहुत प्रसन्न हुई।

हे बिन्दायक जी महाराज! जैसे सेठ जी की दिवार सिधी करी वैसे ही कहते- सुनते हमारे भी सभी कार्य सीधे करना।

Releated Stories

Ganpati Ji Ka Dhyan Dharna Chahiye Bhajan
गणपति जी का ध्यान धरना

गणपति जी का ध्यान धरना चाहिए, तभी ही कोई शुभ काम करना चाहिए, पिता है जिनके भोले शंकर माता जिनकी पारवती, रिधि सीधी के दाता है ये भुधि देते है सुमिति

Bindayak Ji ki Kahani - Ganesh vrat Katha
बिंदायक जी की कहानी

हे गणेश जी! जैसा बुढ़िया माई को दिया वैसा सबको देना।

Shree Ganesh Stotra
श्री गणेश स्तोत्र

गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए करें गणपति स्तोत्र का पाठ। दुःख और संकट से मुक्ति पाने तथा अमीर बनने तथा अपार धन की प्राप्ति हेतु श्री गणेश स्तोत्र का पाठ 11 बार अवश्‍य करना चाहिए।