मां सीता के जन्मोत्सव का पावन पर्व, वैशाख मास के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को पुष्य नक्षत्र में माता सीता का प्राकट्य हुआ था।
॥ श्री जानकी रामाभ्यां नमः जय श्री सीता राम श्री सीताय नमः ॥
रामायण कलियुग में पापो से मुक्ति पाने का एक सरल उपाय है, इस युग में जो भी रामायण जी की आरती करता है उसे श्री राम के साथ माता सीता और हनुमान जी की असीम कृपा प्राप्त होती है, और दुःख से मुक्ति मिलती है।