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Shri Ram Chandra Kripalu

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्। पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।

Shri Ram Stuti Bhajan
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  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 09 Apr 2025
मंत्र

॥रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः॥