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नया वर्ष और माह के बारे में

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  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 27 Dec 2024

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा एकम से आरम्भ होता है। होली के बाद चैत्र कृष्ण अमावस को वर्ष पूरा हो जाता है।

प्रत्येक माह में दो पक्ष होते हैं । इनके नाम हैं- शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।

अमावस के बाद प्रतिपदा से शुरू होनेवाले पक्ष को शुक्ल पक्ष और पूर्णिमा ( पूनो ) के बाद प्रतिपदा से शुरू होने वाले पक्ष को कृष्ण पक्ष कहते हैं। प्रत्येक पक्ष में 15 तिथियाँ होती हैं। दोनों पक्षों में 14 तिथियों के नाम एक समान हैं। इन तिथियों के नाम क्रमशः इस प्रकार हैं

  1. प्रतिपदा (एकम)
  2. द्वितीया (दूज )
  3. तृतीया ( तीज)
  4. चतुर्थी (चौथ)
  5. पंचमी ( पाँचें)
  6. षष्ठी (छठ)
  7. सप्तमी ( सातें)
  8. अष्टमी (आठे)
  9. नवमी (नौमी)
  10. दशमी
  11. एकादशी (ग्यारस)
  12. द्वादशी (बारस)
  13. त्रयोदशी ( तेरस)
  14. चतुर्दशी (चौदस )।

शुक्ल पक्ष की पन्द्रहवीं तिथि को पूर्णिमा, पूनम या पूनो कहते हैं और कृष्ण पक्ष की पन्द्रहवीं तिथि अमावस कही जाती है।

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