ओम शिवगणाय विद्महे। गौरीसुताय धीमहि। तन्नो भैरव प्रचोदयात।।
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, सोमवार व्रत रखने के लिए सुबह स्नान करके भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाना और शिव-पार्वती की पूजा करना शामिल है। ऐसा माना जाता है कि सोमवार का व्रत करने से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। सोमवार व्रत कथा पढ़ने से अनुष्ठान पूरा होता है।
॥ श्री लिङ्गाष्टकम् ॥ ; ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गंनिर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं ; देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहम्करुणाकर लिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं ; सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गंबुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्।