श्री बजरंग बाण का नियमित पाठ करने से कुंडली में ग्रह दोष समाप्त होते हैं। Jai hanumant sant hitkari, Sun leejy
॥उर प्रतीति दृढ़, सरन ह्वै, पाठ करै धरि ध्यान। बाधा सब हर, करैं सब काम सफल हनुमान॥
श्री पंचमुखहनुमत्कवच स्तोत्र एवं अर्थ-ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:। गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं। क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:।
संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ अत्यंत प्रभावकारी है। कहा जाता है कि विधि विधान से बजरंगबली के इस पाठ से हर बाधा का नाश होता है और संकटों का अंत होता है।
मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान आदि करके हनुमान जी के सामने घी का दीपक जला कर व्रत का संकल्प करें। भगवान हनुमान का व्रत करने से भक्त या उपासक को कोई भी नकारात्मक शक्ति से भय नहीं रहता। जिन भक्तों को शनि देव की साढ़े साती हो वो भी इस व्रत को करते हैं।