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Panchmukhi Hanuman Kavach

श्री पंचमुखहनुमत्कवच स्तोत्र एवं अर्थ-ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:। गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं। क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:।

पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र Stotra
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  • 10 months ago
  • Mamta Sharma
  • 09 Apr 2025

मंत्र

॥ॐ अस्य श्री पंचमुखहनुमन्मंत्रस्य॥

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