जया एकादशी पर जो भी भक्त भगवान श्री विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना करता है, उन भक्तों के सभी कष्ट मिट जाते हैं हमारे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करते हैं।
।।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ॐ॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ॐ॥
देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कहा जाता है। देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi Katha) पर भगवान विष्णु को चार महीने की निद्रा के बाद विधि-विधान से पूजा करके जगाया जाता है।
Om Jai Jagdish Hare Aarti | ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त ज़नो के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥