जया एकादशी पर जो भी भक्त भगवान श्री विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना करता है, उन भक्तों के सभी कष्ट मिट जाते हैं हमारे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करते हैं।
वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है। वरूथिनी एकादशी का व्रत करने से दुर्भाग्य भी पलट सकता है। इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को जीवन में समृद्धि, प्रचुरता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
निर्जला एकादशी व्रत कथा-इस एकादशी पर पानी पीना सख्त मना है इसलिए एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
Om Jai Jagdish Hare Aarti | ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त ज़नो के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥