श्रीं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः स्वाहा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अंबे दुःख हरनी, पढ़ें संपूर्ण दुर्गा चालीसा( Durga Chalisa Lyrics) नवरात्र के पहले दिन से नवमी तक मां के नौ स्वरुप की पूजा की जाती है।
इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। यमुना के तट पर गोपियों ने इन्हीं देवी की पूजा श्री कृष्ण को पाने के लिए की थी।