हिमालय की पुत्री होने के कारण इनको शैलपुत्री कहा जाता है, पूर्व जन्म में इनका नाम सती था और ये भगवान शिव की पत्नी थी। सती के पिता दक्ष प्रजापति ने भगवान शिव का अपमान कर दिया, इसी कारण सती ने अपने आपको यज्ञ अग्नि में भस्म कर लिया।
क्या आप जानते हैं कि आपके घर की रक्षा कौन कर रहा है? वह एक राक्षस/दानव है और भगवान शिव से उन्हें वरदान मिला हुआ है। इन्हें सुरक्षा और अच्छे परिवर्तन का शक्तिशाली ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।
आज नवरात्रि के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की पूजा आराधना, मां का यह रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। मां चंद्रघंटा का भक्त निडर और पराक्रमी होने के साथ, सौम्य और तेजवान भी हो जाता है।