Mata chaorasi ghante wale mandir katha
हिमालय की पुत्री होने के कारण इनको शैलपुत्री कहा जाता है, पूर्व जन्म में इनका नाम सती था और ये भगवान शिव की पत्नी थी। सती के पिता दक्ष प्रजापति ने भगवान शिव का अपमान कर दिया, इसी कारण सती ने अपने आपको यज्ञ अग्नि में भस्म कर लिया।
आज नवरात्रि के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की पूजा आराधना, मां का यह रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। मां चंद्रघंटा का भक्त निडर और पराक्रमी होने के साथ, सौम्य और तेजवान भी हो जाता है।