|| अहमेवासमेवाग्रे नान्यद यत् सदसत परम। पश्चादहं यदेतच्च यो वशिष्येत सो स्म्यहम ||
रामायण कलियुग में पापो से मुक्ति पाने का एक सरल उपाय है, इस युग में जो भी रामायण जी की आरती करता है उसे श्री राम के साथ माता सीता और हनुमान जी की असीम कृपा प्राप्त होती है, और दुःख से मुक्ति मिलती है।
Hare ka sahara Baba Shyam Humara, Khatu Shyam ji's real name was Barbarik. Lord Krishna give him one of his name which was Shyam.