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पंचांगुली माता

Panchanguli Mata Jyotish Vidya aur Hastrekha ki devi ke roop me Pooja jata hai, in devi ka tap/sadhna keval anubhavi guru ke margdarshan me karni chahiye.

panchanguli devi Story
  • 137 View
  • 1 year ago
  • Mamta Sharma
  • 28 Mar 2025

मंत्र

॥ ॐ ह्रीं पंचांगुली देव्यै स्वाहा ॥

पंचांगुली माता कौन हैं?

पंचांगुली देवी को विद्या, ज्योतिष, तंत्र, और हस्तरेखा शास्त्र की देवी माना जाता है। यह देवी विशेष रूप से उन साधकों और ज्योतिषियों की आराध्या हैं जो हस्तरेखा विज्ञान, भविष्यवाणी और गूढ़ विद्याओं में पारंगत होना चाहते हैं।

पंचांगुली माता की उत्पत्ति

पौराणिक कथाओं के अनुसार, पंचांगुली देवी का संबंध देवी दुर्गा के स्वरूपों से जोड़ा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह देवी स्वयं आदि शक्ति की अंगुलियों से प्रकट हुई हैं। ‘पंचांगुली’ का अर्थ होता है "पाँच अंगुलियाँ", जो यह दर्शाता है कि यह देवी मानव हाथ की पाँच उंगलियों में निवास करती हैं।

पंचांगुली माता की पूजा का महत्व

  • जो व्यक्ति ज्योतिष, हस्तरेखा, और तंत्र साधना में सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, वे पंचांगुली देवी की साधना करते हैं।
  • मान्यता है कि इनकी कृपा से भविष्य को देखने और समझने की शक्ति प्राप्त होती है।
  • साधक को विशेष सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं, जिससे वह लोगों के जीवन से जुड़े रहस्यों को जान सकता है।

इनकी साधना करने के लिए विशेष मंत्र, विधि और नियमों का पालन किया जाता है। तंत्र शास्त्र में बताया गया है कि इनकी आराधना से व्यक्ति को गूढ़ रहस्यों और भविष्य कथन की शक्ति प्राप्त होती है।

इस मंत्र का जाप नियमित रूप से करने से साधक को आध्यात्मिक ज्ञान और भविष्यवाणी की शक्ति प्राप्त हो सकती है।
अगर आप पंचांगुली देवी की साधना के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं या विशेष साधना विधि जानना चाहते हैं, तो इसे किसी अनुभवी गुरु के मार्गदर्शन में करना उचित होगा।

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